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ब्लॉग के बारें में : 


हिमालयन गर्भ में आपका तहेदिल से स्वागत है । मैं रोहित कल्याणा (Rohit Kalyana) पहाड़ों के साथ हुए अपने साक्षात्कारों यहाँ पेश करता हूँ । मैंने यहाँ अपने समस्त अनुभवों को पाठकों के सामने जैसे-का-तैसा दिखाने का पुरजोर प्रयास किया है । हिमालयी में मैंने जितनी भी यात्राएँ पूरी करी समस्त अकेले और कम-से-कम खर्च में पूरी करी । आशा करता हूँ यह अनुभव पाठकों को कुदरत से रूबरू होने में सहायक सिद्ध होगा ।

मुख्य तौर पर पाठकों को इस ब्लॉग पर हिमालय से जुड़े लेख ही पढ़ने को मिलेंगे । इसका कारण है मेरा हिमालय से व्यक्तिगत तौर पर जुड़ाव । अपनी घुमक्कड़ी के दौरान भारतीय हिमालय ने मुझे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू एंड कश्मीर, वेस्ट बंगाल और सिक्किम में घुमक्कड़ी का सौभाग्य उपलब्ध कराया । जिसके लिए मैं अपने शरीर, समस्त कायनात और इन पहाड़ों का शुक्रगुजार हूँ ।

लम्बे समय तक मैं इसी उलझन में उलझा रहा कि “एक दिन ब्लॉग शुरू करूंगा और लिखना शुरू करूंगा”, लेकिन लिख नहीं पाया । खुद के साथ चला यह अंतर्म विवाद आख़िरकार समाप्त हुआ जब “हिमालयी गर्भ” का जन्म हुआ मेरे विचारों से ।

आशा करता हूँ पहाड़ी अनुभव आपको भायेगा ।

A Hindi blog about self-supported solo budget travelling in Indian Himalayas. Here mountain lovers and free souls will get information about how to do low cost travelling in mountains alone. This blog will show the real meaning of "Mountains are calling and i must go".

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मेरे बारें में : 


बैठा हूँ एक बार फिर हो जाने को वो जो आने से पहले था और जाने के बाद होऊंगा, एक बार हो गया तो फिर वही रहूँगा ये कभी नहीं, जो हूँ, तब तक देखता हूँ । खुद से मिलने की प्यास है और इसे बुझाने के लिए हिमालय में खानाबदोशी करता हूँ । कुदरत के नजदीक होकर कभी-कभी खुद के होने का एहसास होता है, ख़ुशी होती है, सन्तुष्टि होती है, इसीलिए वहां बार-बार जाता हूँ । समय आने पर लौटा दूंगा इसको भी वो ही हो जाने के लिए ।

अधिक जानकारी के लिए यह लेख पढ़ें : मेरी पहली यात्रा कौनसी थी ?

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