Monday, November 27, 2017

पिन पार्वती पास से अंजान कोल : अंजान कोल-मनाली (Pin Parvati Pass to Unknown col : Unknown Col-Manali)

2 सितम्बर 2017
अंजान कोल ताजा बर्फ में डूबा है । सूरज ने निकलते ही आधी परेशानी हल कर दी । अपनी जान हथेली पर रखकर सुरक्षित बेस कैंप पहुंचने का सपना है । टी-शर्ट से दोनों को बांधकर लांधने लगे गहरी और छिपी क्रेवासों को । कोई तो था जो हमें बचाना चाहता था, हर पल यह एहसास बढ़ता ही जा रहा था । यात्रा दो लोगों की जो पार्वती ग्लेशियर पर फंसे और सकुशल नीचे उतरने में भी कामयाब रहे । शरीर को सुरक्षित देखना त्यौहार से कम नहीं है ।

Friday, November 17, 2017

पिन पार्वती पास से अंजान कोल : मानतलाई झील-पार्वती ग्लेशियर-अंजान कोल (Pin Parvati Pass to Unknown col : Mantalai Lake-Parvati Glacier-Unknown Col)

28 अगस्त 2017
मानतलाई से जब रास्ता पिन पार्वती पास की ओर चढ़ता है तब वहां की जमीन दिखाती है 7 से ज्यादा पर्वतों के शिखर । पार्वती ग्लेशियर के गर्भ से झांकती 10 से भी ज्यादा झीलें जो हिमालय के मुकुट में जड़ी मणियों जैसी चमकती हैं । गलत कॉर्डिनेट्स और गलत दिशा में जाते पैरों के निशानों का पीछा करते-करते हम जहां पहुंचे वहां दिल दहल गया । यह कोल है पिन पार्वती पास नहीं है । अपनी मंजिल 5319 मी. थी 5400 मी. नही । हम फंस गयें हैं अकेले, क्रेवास, मौलिन और बर्फ़बारी के बीच ।

Sunday, November 12, 2017

पिन पार्वती पास से अंजान कोल : टुंडा भुज-उड़ी थाच-मानतलाई झील (Pin Parvati Pass to Unknown col : Tunda Bhuj-Udi Thach-Mantalai Lake)

27 अगस्त 2017
रात अच्छी व गर्म बीती । सूरज के साथ-साथ हम भी अपने काम पर लग गये । रात काफी ओस गिरी थी जिसने टेंट को बाहर क्या भीतर से भी नहीं छोड़ा । स्लीपिंग बैग के बाद टेंट पैक करके बैग में डाल लिया । नूपुर ने चाय तैयार कर दी । मौसम विभाग टीम के “आल द बेस्ट” के बदले हमने थैंक यू बोला । आज उड़ी थाच रुकने का प्लान है । दूसरे ग्रुप की भी वहीं डेरा डालने की मंशा है ।  तो चलो शुरू करते हैं आज का सफ़र पार्वती घाटी में ।

Wednesday, November 8, 2017

पिन पार्वती पास से अंजान कोल : मनाली-खीरगंगा-टुंडा भुज (Pin Parvati Pass to Unknown col : Manali-Kheerganga-Tunda Bhuj)

26 अगस्त 2017
कई दिन खूब सोचा कि कहाँ घूमने जाएँ । सवाल ने 2 जगहों के सामने खड़ा कर दिया, पहली ‘बीड़ से मनाली वाया थम्सर पास’, और दूसरी ‘इंद्रहार, गुप्त झीलें व मिन्कियानी पास’ । धौलाधार की ‘हाई झील्स’ थम्सर पर भारी पड़ी और अगले ही पल पीली चिट दीवार पर चिपक गई “चलो हाई झील्स” । घुमक्कड़ी के वायरस ने दिमाग घुमा दिया कभी गूगल पर ‘मैप’ देखूं, कभी ‘ब्लॉग’ पढूँ, और कभी अनचाही ऐड मुझे अनाकाली समझकर सन्देश दें “सिर्फ 5 दिनों में कैसे बनाएं अपनी त्वचा को गोरा” । हैश टैग : ट्रैक + तैयारी = त्यौहार

Sunday, November 5, 2017

हनुमानगढ़ चोटी (जहां से दिखते हैं पांच पास) , Hanumangarh peak (which shows five passes)

3 नवम्बर 2017
हनुमानगढ़ चोटी अपने नाम के हिसाब से संकट मोचन हनुमान जी को समर्पित है । यहाँ की ऊँचाई 3079 मी. है और बीड़ से पैदल दूरी 8.5 किमी. है । पर्वत के टॉप पर हनुमान जी की मूर्ति और साथ में उनका गदा, कुछ लाल झंडे, त्रिशूल और एक दान पेटी रखी है । यह पीक 360 डिग्री का अद्भुत दृश्य दिखाती है । इन दृश्यों में खास हैं यह पांच पास, थम्सर जोत, जालसू पास, नोहरू, गेरू, और सारी पास जिनके मौसम साफ़ होने पर  एक साथ जादुई दर्शन होते हैं ।