Monday, May 15, 2017

पराशर झील - जब एडवेंचर सजा बन गया (फोटो स्टोरी, भाग -1), Prashar Lake - When the adventure becomes trouble (Photo Story, Part - 1)

1 मार्च 2015
तीन दोस्त एडवेंचर के लालच में साइकिल पर दिल्ली से पराशर झील पहुंचे जहां उनका स्वागत लैंड स्लाइड, बारिश, ओलों, उफनती नदी और बर्फीले तूफ़ान ने किया । भारी बर्फ़बारी के बीच जब कोई भी न मिले मदद के लिए, जब मन पर हाइपोथर्मिया, फ्रोसबाईट और ठण्ड से मर जाने का साया मंडराने लगे, जब आगे बढ़ना भी उतना ही खतरनाक लगे जितना पीछे हटना तब ऐसा क्या होता है जो हमें जिंदा रहने को मजबूर करता है ?। तो चलो ले चलता हूँ चित्रों की सहायता से ऐसी ही एक यात्रा पर जहां एडवेंचर सजा बन गया ।

Wednesday, May 3, 2017

यमुनोत्री : 100 रु के कमरे में रोया, भाग-2, Yamunotri : Cried in the room of Rs. 100, Part-2

9 मई 2010
बेहिसाब सुन्दरता को देखकर मेरा खुला मुंह देखकर किसी ने पीछे से पुकारा “है न सुंदर”, मैंने भी पीछे बिना देखे कहा “बिना किसी शक के” । पीछे वाले व्यक्ति ने जब अगला सवाल किया “पहली बार आये हो यहाँ भाई जी ?”, तब मैं उनकी तरफ पलटा और पुरे आत्मविश्वास के साथ कहा “बिलकुल पहली बार, यूँ समझ लीजिये कि एकदम नौसिखिया हूँ” । जिस तरह मैं पहाड़ों की तरफ मोहित हुआ हूँ उससे तो यही साबित होता है जैसे पिछले किसी भी जन्म में मेरा पाला पहाड़ों से नहीं पड़ा ।